बहरीन हमले के बाद अमेरिका की बड़ी एयरस्ट्राइक, क्या खाड़ी युद्ध की ओर बढ़ रहा है ईरान

बहरीन हमले के बाद अमेरिका की बड़ी एयरस्ट्राइक, क्या खाड़ी युद्ध की ओर बढ़ रहा है ईरान

पश्चिम एशिया में बारूद की गंध एक बार फिर जानलेवा हो चुकी है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब केवल धमकियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सीधे और खतरनाक सैन्य संघर्ष में बदल चुकी है। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में अमेरिका ने ईरान पर अब तक के सबसे विनाशकारी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। यह महज कोई सीमाई झड़प नहीं है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण और दोनों देशों के बीच अस्तित्व की सीधी लड़ाई बन चुकी है।

अगर आप सोच रहे हैं कि यह तनाव अचानक क्यों भड़का, तो आपको इसके पीछे की पूरी क्रोनोलॉजी समझनी होगी। होर्मुज का यह इलाका दुनिया के कुल तेल और गैस परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। ईरान ने इस रणनीतिक रास्ते को बंद करने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी करने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी। बस यहीं से चिंगारी ने भयंकर आग का रूप ले लिया। Meanwhile, you can find other developments here: The Battle for the Soul of an Old London Fire Station.

बहरीन में गूंजते सायरन और ईरान का पलटवार

ईरान की ओर से हालिया उकसावे की कार्रवाई बेहद आक्रामक रही है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) के कमांड-एंड-कंट्रोल, लॉजिस्टिक्स और ईंधन डिपो को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद बहरीन के आसमान में सायरन गूंजने लगे और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ईरान यहीं नहीं रुका। उसने दावा किया कि उसने जॉर्डन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी सिलसिलेवार हमले किए हैं। हालांकि, कुवैत का दावा है कि उसने ईरान की ओर से दागी गईं 4 मिसाइलों और 21 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। इन हमलों के जरिए ईरान ने साफ संदेश दे दिया है कि वह अमेरिका के सहयोगियों को भी बख्शने के मूड में नहीं है। To understand the full picture, check out the detailed article by Associated Press.

अमेरिका की विनाशकारी स्ट्राइक और राजधानी तेहरान पर निशाना

बहरीन और अन्य ठिकानों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों, ड्रोनों और नौसैनिक युद्धपोतों ने ईरान के भीतर घुसकर ताबड़तोड़ बमबारी शुरू कर दी।

इस बार अमेरिकी हमलों का दायरा बहुत बड़ा था:

  • तेहरान और सेमनान प्रांत पर हमला: पहली बार अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान के आस-पास के इलाकों और सेमनान प्रांत को निशाना बनाया, जो ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम का मुख्य केंद्र माना जाता है।
  • ग्रेटर टुंब द्वीप का खात्मा: होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ग्रेटर टुंब द्वीप पर ईरान के तटीय रक्षा प्रणालियों और मिसाइल स्टोरेज सेंटरों को अमेरिका ने नष्ट कर दिया।
  • सैन्य बैरकों पर बमबारी: ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर बंपुर में सेना की 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड के बैरक पर अमेरिकी मिसाइलें गिरीं, जिसमें कम से कम 7 ईरानी सैनिकों की मौत हो गई।
  • तेल टैंकर को किया निष्क्रिय: खर्ग द्वीप की तरफ बढ़ रहे एक तेल टैंकर 'बेलमा' को जब अमेरिकी चेतावनियों के बाद भी नहीं रोका गया, तो अमेरिकी लड़ाकू विमान ने उसकी चिमनी (smokestack) पर मिसाइल दागकर उसे समुद्र के बीच में ही निष्क्रिय कर दिया।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

क्यों यह तनाव पूरी दुनिया की जेब पर भारी पड़ने वाला है

इस युद्ध का सबसे बड़ा असर हमारी और आपकी जेब पर होने वाला है। होर्मुज जलमार्ग के पूरी तरह ब्लॉक होने और समुद्री जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के कारण वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। कच्चे तेल की कीमतें अचानक अपने एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।

अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। इसके साथ ही जहाजों का बीमा प्रीमियम बेहद महंगा हो गया है, जिससे रोजमर्रा के सामान, उर्वरक और अनाज के वैश्विक परिवहन की लागत काफी बढ़ गई है।

क्या अब बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर उसने परमाणु वार्ता की मेज पर आने से इनकार किया, तो अगले हफ्ते से हालात इससे भी बदतर हो जाएंगे। ट्रंप ने ईरान के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बिजली संयंत्रों और प्रमुख पुलों को तबाह करने की धमकी दी है।

दूसरी तरफ, ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफगारी ने भी दो टूक कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान के बिजली घरों या बुनियादी ढांचे को छुआ, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) के बुनियादी ढांचे को "फौलादी हमलों" से मटियामेट कर दिया जाएगा।

साफ है कि दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। भले ही ट्रंप अभी भी कह रहे हैं कि एक शांति समझौता संभव है, लेकिन जमीन पर बरस रहे बम और मिसाइलें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह संकट यहीं थमता है या पूरा पश्चिम एशिया एक ऐसे भयानक युद्ध की आग में झुलसने वाला है, जिसकी आंच से पूरी दुनिया का बाजार दहल उठेगा।

WP

William Phillips

William Phillips is a seasoned journalist with over a decade of experience covering breaking news and in-depth features. Known for sharp analysis and compelling storytelling.